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"यदि आप आवश्यकता से अधिक भोजन ग्रहण करते हैं तो सावधान हो जाइए, यह न केवल आपका मोटापा बढ़ाएगा बल्कि आपके लिवर को भी नुकसान पहुंचा सकता है।"
क्या पड़ता है प्रभाव
लिवर क्यों है महत्वपूण
कुछ लागों को खाने का शौक होता है। यदि उन्हें पसंदीदा भोजन मिल जाय, तो वे आवश्यकता के अधिक खा लेते हैं। चाहे आपको पसंदीदा भोजन मुफ्त में ही क्यों न मिल रहा हो, पर हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि पेट आपका अपना है। ओवरइटिंग (Overeating) से केवल मोटापे की शिकायत हो सकती है बल्कि इसके कारण आपके शरीर के कई अंगो को भी नुकसान पहुंच सकता है।
खाने के शौकीन होना कोई गलत बात नहीं है, परंतु जरूरत से ज्यादा भोजन ग्रहण करना शरीर के लिए हानिकारक होता है। इस तरह जरूरत से ज्यादा भोजन करने से न केवल मोटापा बढ़ता है, या डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि यह शरीर के कई अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। ओवरइटिंग से हृदय, किडनी, फेफड़े और लीवर पर भी बुरा असर पड़ सकता है। इनमें से ओवरइटिंग आपके लिवर को अधिक प्रभावित करता है। यदि आपको डायबिटीज है और लिवर से संबन्धित समस्या है तो आपको ओवरइटिंग से बचना चाहिए क्योंकि यह आपके समस्या को बढ़ा सकती है।
क्या पड़ता है प्रभाव
ओवरइटिंग या अत्यधिक वसायुक्त (Fatty Foods) खाना खाने से नॉन अल्कोहिक फैटी लिवर की बीमारी (Nonalcoholic Fatty Liver Disease) हो सकता है। लिवर के वाहिकाओं (vessels) में वसा (Fat) के जमा होने से लिवर अपना काम ठीक से नहीं कर पाता है और शरीर में विषेले पदार्थ बनने शुरू हो जाते है। मोटापा इसका एक प्रमुख कारण है। पेट पर वसा जमना भी इसका कारण हो सकता है। यदि आप मीट अधिक खा रहे हैं, तो लिवर की धमनियाँ (Artery) मोटी हो जाती है। इससे लिवर में पित्त पथरी (gallstones) बनना शुरू हो जाता है। इसके कारण पित्त (Bile) के निर्माण में भी बाधा आती है, जिससे वसा का पाचन सही तरीके से नहीं हो पाता है और वजन बढ़ने लगता है। वजन बढ़ने से कई अन्य समस्याएं होने लगती हैं।
कैसे कर सकते हैं बचावइस समस्या का सबसे प्रमुख बचाव है कि आप अपने के तरीकों में बदलाव लाए। आप अपने पसंदीदा भोजन खाएं, लेकिन एक सीमा के अंदर। यानी ओवरइटिंग न करें। आप उन व्यंजनों का सेवन कर सकते हैं जिसमे वसा कम होती है जैसे - स्किन्ड मिल्क और उससे बने ब्यंजन आदि। वैसे फूड जिनमें अनसेचुरेटेड फैट अधिक होता है, लिवर के सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं, जबकि अधिक वसायुक्त भोजन समस्या को बढ़ा देती है। हमारे लिवर को सुरक्षित रखने के लिए दो भोजन के बीच उचित समय होना चाहिए। एक बार में अधिक खाने के बजाय आप थोड़ा-थोड़ा करके दिन में कई बार खाएं। इससे लिवर को अपना काम सही तरीके से कारने ने के लिए पर्याप्त समय मिल पाता है। प्रतिदिन भोजन में हरी सब्जियों और फलों को शामिल करने से भी लिवर को फायदा होता है।
लिवर क्यों है महत्वपूण
- लिवर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्याकिं आपको स्वस्थ रखने के लिए यह कई काम करता है।
- यह वसा (Fat) और वसा में घुले हुए विटामिन को पचाने में मदद करता है। इसके लिए लिवर ही पित्त (Bile) को स्रावित करता है।
- यह कार्बोहाहड्रेट के मेटाबॉलिज्म में मदद करता है और ब्लड ग्लूकोज लेवल को नियंत्रित रखता है।
- यह प्रोटीन निर्माण में भी सहायता करता है। प्रोटीन से हमारे शरीर के अधिकतर हिस्से बने है। अतः यह बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है।
- यह डीटॉक्सिफिकेशन में भी मदद करता है। अर्थात विषैले एवं गंदे पदार्थों को शरीर से बाहर करने के लिए किडनी में भेजता है।
- लिवर विटामिन ए, बी12, डी, इ, के और अन्य मिनरल्स को भी स्टोर करने का कार्य करता है।
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